शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

एक शिक्षाकर्मी जो गृह जिला में वापस लौटने को है बैचेन

एक शिक्षाकर्मी जो गृह जिला में वापस लौटने को है बैचेन
पति के मौत के बाद गृह जिला लौटने दर-दर की ठोकरे खा रही है

सरगुजा जिले के शासकीय कार्यालयों में लाल फिताशाही किस तरह से हावी है और किस तरह से सरकारी कर्मचारी व उच्च अधिकारी कार्य करते हैं, यदि देखना है तो चले आइये जिला पंचायत कार्यालय में जहां पर अधिकारियों की मनमानी हावी है।
जनवरी 2011 से एक विधवा महिला जो कि शिक्षाकर्मी है, अपना स्थानांतरण के लिये भटक रही है, किन्तु कार्यालय में जारी लाल फिताशाही के कारण वह दर-दर की ठोकरे खा रही है।
घटना कुछ इस तरह की है जनवरी 2011 में शिक्षाकर्मी वर्ग तीन में पदस्थ एक महिला के पति की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई, जिसके बाद रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत कार्य करने वाली महिला शिक्षाकर्मी ने अपने गृह जिला लौटने की गुहार जनपद पंचायत व जिला पंचायत कार्यालय में लगाई। चूंकि महिला रायपुर के पास एक ग्राम की रहने वाली है, पति के मौत के मौत और घर पर ससुर की भी मौत पहले हो चुकी है अतः घरबार सम्हालने वाली यह महिला ही उस घर का सहारा है, जिस कारण वह अपने दो बच्चों सहित अपने गृह ग्राम में लौटना चाहती है। क्योंकि ससुराल में कुछ कृषि योग्य भूमि भी है, जिसकी देखरेख का जिम्मा भी अब उसी महिला के भरोसे है तथा रामचन्द्रपुर दूरस्थ ग्राम में कार्य करने वाली महिला ने अपने बच्चों को रामचन्द्रपुर स्थित किराये के मकान में छोड़ कर जाने में असमर्थता जताते हुए व अपनी सास के साथ गृह जिला रायपुर स्थानांतरण हेतु आवेदन दिया, जिसके बाद रायपुर जिला कार्यालय से तो आगे कार्यवाही करते हुए एनओसी की मांग की गई, लेकिन पिछले छः महिने में जिला पंचायत सरगुजा व जनपद पंचायत रामाचन्द्रपुर में अभी तक फाईल एक कोने में धूल खा रही है।
30 जून को जब इस संबंध में हमने महिला के साथ कलेक्टर सरगुजा से मुलाकात की तो कलेक्टर सरगुजा ने इस विषय में यह असमर्थता जताते हुए कि यह मेरे कार्य क्षेत्रांतर्गत नहीं आता पल्ला झाड़ लिया और यह कह दिया की चलो बाहर जाओ और फिर महिला वहां से भटकते हुए पुनः जिला पंचायत पहुंची।
जहां पर हमारे द्वारा जब इस संबंध में महिला के साथ जाकर जिला पंचायत सीईओ धनंजय देवांगन से बात की गई तो पहले तो डेढ़ दो घंटे हमें उनसे मिलने हेतु इंतजार करना पड़ा और जब मुलाकात हुई और हमने महिला की समस्या के बारे में बताया तो जिला पंचायत सीईओ ने यह कह दिया कि भारत में इस तरह की कितनी समस्या है, यदि हर समस्या का हल करते रहे तो काम कब होगा। महिला ने काफी अनुनय-विनय किया लेकिन इसके बावजूद सीईओ महोदय के कानों में जू-तक नहीं रेंगा।
लेकिन जब हमने उन्हें यह याद दिलाया की साहब आपकी यह अकड़न केवल बाहर के लोग ही बर्दाश्त कर सकते हैं। आप पब्लिक सरवेंट (जन सेवक) हैं और जन सेवक की तरह ही कार्य करें कहीं ऐसा ना हो कि जनता जब अपने आपे से बाहर हो जाये तो आपको पछताना पड़े............! आधे घंटे की काफी लम्बी बहस के बाद साहब को कुछ समझ में आया ओर फिर उन्होंने कार्यवाही करते हुए..........आवेदन में रामचन्द्रपुर जनपद सीईओ को मार्क करते हुए जल्द से जल्द एनओसी जारी करने हेतु पत्र अग्रेषीत किया है, अब देखना यह है कि कब तक महिला की समस्याओं का समाधान होगा...........खैर आगे पत्र तो प्रेषित किया गया है अब यदि रामचन्द्रपुर जनपद सीईओ जल्द ही इस पर कार्यवाही नहीं करते तो आगे जल्द ही आंदोलन किया जाएगा..................ऐसा सरगुजा साइंस ग्रुप के कार्यकर्ताओं व महिला के परिजनों ने फैसला लिया है।

अंचल ओझा
अध्यक्ष सरगुजा साइंस ग्रुप
मो. 9691066601

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